Dangerous Coronavirus 2020 (Covid-19) : भारत समेत पूरी दुनिया वैश्विक महामारी की शिकार

चीन के वुहान शहर से शुरू होकर पूरे विश्व में मानव जाति के लिए कोरोना वायरस खतरा बन चुका है। मध्य चीन में अचानक ही निमोनिया का प्रकोप बढनें लगा जिसे WHO ने एक नए कोरोना वायरस या कोविड-19 (नोवल कोरोना वायरस) से नामित किया गया है। मनुष्यों में यह पहली बार देखा गया है । और इसकी वैक्सीन भी तैयार नहीं हो पायी है हालांकि कुछ देश जैसे अमेरिका ने वैक्सीन का परीक्षण शुरू कर दिया है। यह वैक्सीन कितनी सफल होती है। यह देखा जाना अभी बाकी है। भारत के परिपेक्ष्य में देखा जाये तो कुछ ही दिनों में कोरोना वायरस के मामले बहुत तेजी से बढते जा रहे हैं। यह एक संक्रमण पर आधारित वायरस है इसलिए भारत में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 21 दिन का लॉकडाउन की घोषणा की गयी है। और यदि स्तिथि काबू में नहीं आती है तो इसके बढने के आसार भी हैं।

यह एक RNA Virus है जो उत्परिवर्तित और पुर्नसंयोजित होकर नये वायरस को जन्म देता है। इसकी विशिष्ट संरचना के कारण ही इसका नाम कोरोना वायरस रखा गया है। सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखने पर इसका आकार मुकुट यानी Crown के जैसा होने का कारण ही इसका नाम Corono virus या कोरोना वायरसकोरोना वायरस रखा गया है। प्रारम्भिक अवस्था में सूखी खाँसी, नाक का बहना ,हल्के श्वसन सम्बन्धी लक्षण पैदा करता है। गंभीर मामलों में Severe acute respiratory syndrome या गम्भीर तीव्र श्वसन लक्षण और Middle east respiratory syndrome या मध्य पूर्व श्वसन लक्षण पैदा करता है। अत्यधिक गम्भीर मामलों में गुर्दे की विफलता और मृत्यु भी हो सकती है।

Pandemic या वैश्विक महामारी क्या है?

WHO के मुताबिक आमतौर पर “वैश्विक महामारी” यानी पेन्डेमिक शब्द तब इस्तेमाल किया जाता है। जब दुनिया भर में कोई नई बीमारी फैल रही हो। और उक्त बीमारी का कोई भी इलाज या टीका वर्तमान में विकसित न किया हो। WHO के अनुसार, जब कोई बीमारी अंतर्राष्ट्रीय सीमायें को पार करने और बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करती हो यानी कोई बीमारी किसी क्षेत्र विशेष या एक देश तक सीमित न हो। इस प्रकार की बीमारी को वैश्विक महामारी घोषित किया जाता है। Corono virus(Covid-19) या कोरोना वायरस एक जुनोटिक बीमारी है, पहले कभी इसानों में नहीं पाया गया है। यदि एपिडेमिक या पेन्डेमिक शब्दों के अन्तर को समझें, एपिडेमिक किसी देश, क्षेत्र ,राज्य की सीमाओं तक सीमित रहती है, जबकि पेन्डेमिक एक वैश्विक महामारी है। जैसे 2003 में फैले सार्स का संक्रमण को वैश्विक महामारी घोषित नहीं किया गया था लेकिन 1918 में स्पेनिश फ्लू में करोडों लोग मारे गये थे जिस कारण इसे वैश्विक महामारी घोषित किया गया था।

कोरोना वायरस के महामारी बनने के चरण –

पहला स्टेज : Corono virus (Covid-19) या कोरोना के संक्रमण से प्रभावित देशों से वापस आने वाले व्यक्तियों की पहचान ।

दूसरा स्टेज : Local transmission या किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने पर संक्रमण फैलता है। इस चरण में यह पहचान हो जाती है कि संक्रमण का स्त्रोत क्या है।

तीसरा स्टेज : Community transmission या किसी समुदाय या बड़े इलाके में इसका संक्रमण फैल चुका हो। यह स्थिति इटली ,अमेरिका जैसे देशों में देखी जा सकती है।

चौथा स्टेज : यह स्थिति काफी डरावनी और भयावह होती है क्योंकि बीमारी स्थानीय रूप ले लेती है।

कोरोना वायरस या Covid-19 से कैसे बचा जा सकता है-

Covid-19 से बचने के लिए भारत सरकार और राज्यों की सरकारों द्वारा साझा प्रयास किया जा रहा है इसके अतिरिक्त उच्च स्तर पर जागरूकता और सतर्कता कार्यक्रम  चलाये जा रहे हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए विशेष आर्थिक सहायता राज्यों को दी गयी है। स्वास्थ और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अपनी बेवसाइट लिंक MoHFW  पर संक्रमित व्यक्तियों से दूरी ,घरेलु संगरोधी,प्रयोगशाला व भर्ती रोगियों के निर्वहन के लिए सरकार ने जरूरी कदम उठाये हैं।

  • हाथ मिलाने से बचें व हाथों को समयान्तराल पर साबुन से धुलते रहें।
  • मास्क या अगौंछा से अपने मुंह को ढके रहें व नाक ,कान,आँख को बार-बार छूने से बचें।
  • बाजार से लायी गयी सब्जियों को साफ पानी से धुल कर ही प्रयोग करें।
  • सोशल डिस्टेसिंग का पालन आवश्यक तौर पर करें।
  • यदि किसी व्यक्ति की तबियत खराब हो तो उससे उचित दूरी बनाये रखें।
  • हैण्ड सेनेटाइजर का प्रयोग करें।

वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस का प्रभाव-

कोरोना वायरस ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला है। दुनिया भर के बाजार भाव में लगातार गिरावट देखी जा रही है। कई अर्थशास्त्रियो ने भारत को अर्थव्यवस्था की गिरावट के बारे में सचेत किया है। कोरोना वायरस के चलते देशभर में लाकडाउन की घोषणा कर दी गयी थी । उत्पादन क्षेत्र , कृषि विकास कार्य, इलेक्ट्रानिक्स,ऑटोमोबाइल,फार्मा,टेक्सटाईल जैसे सभी उधोग अस्थाई तौर पर बंद कर दिये गये हैं। अन्य देशों से जुड़ा आयात- निर्यात अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ की हड्डी भारतीय रेल व विमान सेवा भी अस्थायी तौर पर बंद रखी गयी है जिससे अर्थव्यवस्था को प्रतिदिन करोड़ो का नुकसान हो रहा है। भारतीय पर्यटन पर भी कोरोना वायरस का गहरा प्रभाव पड़ा , जो यात्री विदेशों से आकर हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने मे मददगारी साबित होते है आवा-गमन न होने की वजह से मामले ध्वस्त हो गया है। पेट्रोल की खपत में भी बहुत कमी आई है। मूडीज की रिपोर्ट के मुताबित इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में 0.4% की कमी आने की प्रबल संभावना है।

Corona virus (Covid-19) महामारी की रोकथाम के लिए बनाये गये कानून-

सरकार के दिशा-निर्देशों के उलंघन करने पर महामारी रोग अधिनियम,1897 की धारा-3 तथा आई.पी.सी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया जाता है।

  • धारा-3:     अधिनियम के तहत जारी नियमों का उलंघन करने पर आई.पी.सी. की धारा 188 के तहत अपराध माना जायेगा।
  • धारा-269:  इस धारा के तहत उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे संक्रमण के फैलने की संभावना हो अपराध माना जायेगा।
  •  धारा-270: इस धारा के तहत परिद्वेषपूर्ण कार्य जिससे संक्रमण के फैलने की संभावना हो अपराध माना जायेगा।
  • धारा-271:  इस धारा के तहत Quarantine के नियमों का उलंघन अपराध माना जायेगा।  
  • धारा-120 B: आपराधिक षणयंत्र के लिए दण्ड का प्रावधान किया गया है।

Hydroxychloquine और Covid-19 का संबन्ध-

Hdroxychloroquine ड्रग्स एवं कास्मेटिक्स रूल्स , 1945 के तहत एच-1 ड्रग घोषित किया गया है। आई.सी.एम.आर. ने बिना किसी मेडिकल पर्चे के इस दवा का प्रयोग कोरोना वायरस पर उपयोग निषेध माना जायेगा।

फिलहाल इस दवा का प्रयोग ‘High Risk Population’ के दो वर्गों के लिए किया जा सकता है।

पहला- Asymptomatic Health workers के लिए  

दूसरे-Asymptomatic Households contacts के लिए 

 

यह दवा मलेरिया का उपचार हेतु लम्बे समय से प्रयोग की जाने वाली दवा है। इसे कोरोना से संक्रमित रोगियों के उपचार में कारगर माना जा रहा है। वैज्ञानिकों ने पाया कि ये दवा कोरोना वायरस कोशिकाओं में प्रवेश करने और उनको निष्क्रीय करनें में सक्षम होती हैं। इसे केवल रजिस्टर्ड डाक्टर के पर्चे पर ही बेचा जा सकेगा।

भारत सरकार ने हाईड्राक्सी-क्लोरोक्वीन की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुये निर्यात पर रोक लगा दिया है। अभी हाल ही में अमेरिका ने भारत से इस दवा की माँग की थी।

AIIMS द्वारा जारी कोरोना वायरस के वचाव हेतु गाइड लाइन्स

Socialia post
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Er. Gaurav Pratap Singh

प्रिय दोस्तो, नाम गौरव प्रताप सिंह है। मैं एक विचारक और तकनीकि जिज्ञासु प्रवृत्ति का व्यक्ति हूँ।  यह ब्लॉग आधुनिक समाज में व्याप्त रीति-कुरीतियों पर अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करना है और नित-नवीन जरूरी तकनीकि और विज्ञान सम्बन्धी जानकारी से आपको अवगत कराना है।

Leave a Reply